विजयी हुए सिंधिया , मध्यप्रदेश में सरकार का पतन आखिरकार आज कांग्रेस की सरकार का पतन हो ही गया।कमल नाथ ने ज्योतिरादित्य के समक्ष घुटने टेके। मूल्यांकन किया जाए तो इसमें विजयी हुए हैं माधवराव सिंधिया के यशस्वी पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया। किंतु लाभ भाजपा को हुआ। यदि इस पूरे प्रकरण का बारीकी से मूल्यांकन किया जाए तो ज्योतिरादित्य ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को पटखनी दी है। वह पटखनी माधवराव जी भी अपने जीवन काल में इन दोनों दिग्गजों को ना दे पाए वह काम ज्योतिरादित्य ने कर दिखाया। क्योंकि ज्योतिरादित्य के राजनीतिक भविष्य को पूरी तरीके से समूल नष्ट करने में कांग्रेस की यह दोनों योद्धा पूरी तरीके से सजग के ही नहीं थे बल्कि इस दिशा में काम भी कर रहे थे।येन केन प्रकारेण कांग्रेस से राज्यसभा के अंदर ज्योतिरादित्य को पराजित कराना इनका एकमात्र लक्ष्य था। जिसे ज्योतिरादित्य समय से पहले ही भांप गए थे। ज्योतिरादित्य के जो मुख्य सलाहकार थे उन्होंने भाजपा से संपर्क किया और भाजपा ने नफे नुकसान का मूल्यांकन किया और पाया कि ज्योतिरादित्य को भाजपा में लेने से भाजपा की मध्यप्रदेश में शक्ति...