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विजयी हुए सिंधिया

विजयी  हुए सिंधिया , मध्यप्रदेश में सरकार का पतन आखिरकार आज कांग्रेस की सरकार का पतन हो ही गया।कमल नाथ ने ज्योतिरादित्य के समक्ष घुटने टेके।  मूल्यांकन किया जाए तो इसमें विजयी हुए हैं माधवराव सिंधिया के यशस्वी पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया। किंतु लाभ भाजपा को हुआ। यदि इस पूरे प्रकरण का बारीकी से मूल्यांकन किया जाए तो ज्योतिरादित्य ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को पटखनी दी है। वह पटखनी माधवराव जी भी अपने जीवन काल में इन दोनों दिग्गजों को ना दे पाए वह काम ज्योतिरादित्य ने कर दिखाया। क्योंकि ज्योतिरादित्य के राजनीतिक भविष्य को पूरी तरीके से समूल नष्ट करने में कांग्रेस की यह दोनों योद्धा पूरी तरीके से सजग के ही नहीं थे बल्कि इस दिशा में काम भी कर रहे थे।येन केन प्रकारेण कांग्रेस से राज्यसभा के अंदर ज्योतिरादित्य को पराजित कराना इनका एकमात्र लक्ष्य था। जिसे ज्योतिरादित्य समय से पहले ही भांप गए थे।  ज्योतिरादित्य के जो मुख्य सलाहकार थे उन्होंने भाजपा से संपर्क किया और भाजपा ने नफे नुकसान का मूल्यांकन किया और पाया कि ज्योतिरादित्य को भाजपा में लेने से भाजपा की मध्यप्रदेश में शक्ति...
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An interview with symbol of love

जीवन में विडंबना का भी एक संयोग है. यदि यह कहें कि सकारात्मकता के साथ नकारात्मकता का समावेश ही जीवन है तो अनुचित नहीं होगा. अगर पनघट की चहल-पहल है तो मरघट का सन्नाटा भी जीवन में देखने को मिलता है. इसी चिंतन के साथ आज ताजमहल से साक्षात्कार करने की प्रबल इच्छा हुई और पहुंच गया ताजमहल के पास. देश में फैले  कोरोना  के डर से आम लोग तो दूर प्रेमी जोड़े भी प्यार के प्रतीक ताजमहल के दीदार से परहेज कर रहे हैं. एक समय पर पर्यटकों से गुलजार रहने वाले ताजमहल के चारों ओर आज सन्नाटा पसरा हुआ था. मानो शमशान की शांति हो, बिल्कुल निर्जन स्थान. गहरे सन्नाटे को चीरता हुआ मैं ताज महल के पास पहुंचा. मुझे ऐसा लगा कि मानो वह मेरी बाट जोह रहा हो. मेरे नजदीक जाने पर उसने मुझे आदर पूर्वक स्थान ग्रहण कराया. मैंने कहकहा लगाया और ताजमहल से सीधा सवाल दाग दिया. मैंने पूछा- क्या से क्या हो गया? कुछ कहना चाहोगे इस अवसर पर? उदास ताजमहल ने मुझे देखा और उसके स्वर फूट पड़े, कहने लगा- कहकहा लगाकर तुमने भी अपने मन की भावना को उजागर कर ही दिया बिल्कुल भी नहीं चूके तुम. यह सब समय की बात है. आज तुम ही क्या, मेरा...